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बुधवार, मई 07, 2014

कहो कहाँ तुम भागोगे।   
 

सत्ता लोलुप भूल गये सब राष्ट्र धर्म का  नाता
 जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता।
जिस सपने के खातिर झूले भगत सिंह थे फ़ाँसी
लक्ष्मीबाई जूझ मरी इतिहास हो गया झाँसी।
चला गया आजाद दिया जिसने हमको आजादी
उसकी लाशों पर बैठे हम देख रहे बर्बादी।
हम हैं कश्मीरी हिन्दु मत पूछो क्या क्या बीता
वेद रामायण छीन लिये औ फूक दिये सब गीता।
धन दौलत हम छोड़ के भागे लाज़ न बचने पायी  
बहन बेटियां जहर खा गई मांग  न सजने पायी। 
अब भी अगर नहीं जागे तो बोलो कब तुम जागोगे
अगर यहाँ कश्मीर हो गया कहो कहाँ तुम भागोगे।   
 

गुरुवार, मई 01, 2014

लाहौर लुट जायेगा

              लाहौर लुट  जायेगा

शान्ति का पुजारी ये रहा है सदा देश मेरा 
आज भी सभी को शान्ति पाठ ही  पढाता है। 
विश्व में हो शान्ति सभी फले फ़ूले सुखी रहेँ 
विश्व वन्धु वन्धुता का  गीत ही कढ़ाता है। 
सागर पखार रहा पग आदि काल से है 
तेजपुंज हिम मौर शान को बढ़ाता  है। 
आन बान मान  शान  का जो कभी प्रश्न आये 
देशलिए बच्चा बच्चा शीश को चढ़ाता है.
हो शरीफ़ तो शरीफ़ ही सदा बने रहो 
रोज रोज काटना चिकोटी अब छोड़ दो।  
कुत्सित कुभावना से युक्त कुविचार जो है 
काली करतूतों की कड़ी को तुम तोड़ दो। 
देश सिर मौर काश्मीर मेँ  जो उग्रवाद
रोज रोज उसको बढ़ावा देना छोड़ दो। 
पाक है तो पाक ही बना रहे सदैव और 
खुद से भरा हुआ नापाक घट  फ़ोड़ दो। 
अन्यथा सहिष्णुता की सीमा यदि पार  हुई
भाईचारे वाला यह हाथ उठ जायेगा। 
तोप टैंक तेरे सब धरे के धरे रहेंगे
और तेरा पाक ये पुनः टूट  जायेगा। 

युद्ध का बिगुल यदि तुमने बजाया फिर 

याहियाँ सरीखे तेरा धैर्य छूट जायेगा।
सोनरा के सौ और लोहरा के एक घान 
पड़ते कराँची औ लाहौर लुट  जायेगा।


शनिवार, मार्च 29, 2014

माँ का दूध

माँ का दूध होता सिर्फ सन्तान वास्ते ही 

घर का सदस्य कोई बाँट नहीं सकता।

माँ  नहीं जहां में कोई और माँ न हो सकेगी 

माँ के रिक्ति को न कोई व्यक्ति  पाट सकता। 

माँ का दूध अमृत होता लोक शास्त्र कहे 

इस सद् उक्ति को न कोई काट सकता। 

टेस्ट के बतौर कोई ऊँगली से लेके उसे 

कहीं पर कोई कभी चाट नहीं सकता।

चाय बन  सकती न दही जम सकती

  न मंगनी में   कोई भी पड़ोसी मांग सकता |

  कोई लाख चाहे पर उसे नहीं दुह सके 

और कभी छींके पर नहीं टांग सकता |

 ज़रा न हिला सकेगा पानी न मिला सकेगा

 गाय भैंस जैसे उन्हें नहीं छान सकता |

छोटे भाई बहिना भले ही मारा मारी करें

 किन्तु कोई बाप पिये नहीं मान सकता |