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बुधवार, जनवरी 26, 2011

भारत देश महान हमारा , शुभ गणतंत्र हमारा है ।

पर जाने क्या बात है कंचन मन परतंत्र हमारा है ॥

देश हुआ आजाद मगर

हमको न मिली आजादी ।

हिन्दी चेरी बनी हुई

अंग्रेजी है शहजादी॥

न्यायालय ,कार्यालय मुंह ताके यन्त्र हमारा है

भारत देश महान हमारा शुभ गणतंत्र हमारा है ॥

जिसे विचार कहा जाता है

वही ओढ़कर खादी ।

भ्रष्ट आचरण वालों की

हम बढ़ा रहे आबादी ॥

गांधी का ले नाम लूटते, यह षडयंत्र हमारा है ।

भारत देश महान हमारा शुभ गणतंत्र हमारा है॥

स्वतंत्रता की समझ न पाये

अभी तलक परिभाषा ।

कंचन को कोई समझाये

किससे रख्खे आशा ।।.

हम स्वतन्त्र अधिकार हमारा मौलिक मन्त्र हमारा है ।

भारत देश महान हमारा शुभ गणतंत्र हमारा है ॥

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