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शुक्रवार, दिसंबर 31, 2010

यह नव वर्ष निराला हो शुभ नव वर्ष निराला हो ।
राजा हों या रंक सभी घर खुशियों का नव प्याला हो ॥
शिक्षा की गुणवत्ता जागे
राष्ट्र प्रेम हो, सत्ता जागे
शाखा तना फलों के संग - संग
फूल औ पत्ता - पत्ता जागे
बुरी नजर वालों का 'कंचन' सदा - सदा मुंह काला हो ।
यह नव वर्ष निराला हो शुभ नव वर्ष निराला हो ॥
मंहगाई की मार न झेले
रिश्वतखोरी वार न झेले
वाढ और भूकम्प सरीखा
सूखे का अंगार न झेले
राष्ट्र द्रोह की भाषा बकनेवालों के मुंह ताला हो ।
यह नव वर्ष निराला हो शुभ नव वर्ष निराला हो ॥
घर - घर में खुशहाली हो
बगिया में हरियाली हो
ज्वार बाजरा गेंहू अरहर
सरसों गेंहू बाली हो
आतंकी गतिविधियाँ भागे रिपु के उर में भाला हो ।
यह नव वर्ष निराला हो शुभ नव वर्ष निराला हो ॥

4 टिप्‍पणियां:

  1. नववर्ष शुभ हो। यह गीत तो बड़ा प्यारा है।
    ..भोजपुरी ब्लॉग में कमेंट का विकल्प आप ने बंद कर रखा है। एक कमेंट खुद कर के देखिए।

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  2. बन्धुवर नमस्कार| सही है ............. नवगीत हो तो ऐसा:-

    घर - घर में खुशहाली हो
    बगिया में हरियाली हो
    ज्वार बाजरा गेंहू अरहर
    सरसों गेंहू बाली हो

    स्वागत है श्रीमान| आपको पढ़ना सदैव सुखद अनुभव रहता है|

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  3. डाक्टर साहब बहुत खूब लिखा है आपने - आपको भी नव वर्ष मंगलमय हो ।

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  4. नव वर्ष मंगलमय हो

    बहुत सुन्दर गीत .. प्रेरक

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